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Business News: टाटा ग्रुप में LIC का निवेश 1 लाख करोड़ के पार, 10 कंपनियों में बढ़ी हिस्सेदारी

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | टाटा ग्रुप की 14 लिस्टेड कंपनियों में से 10 में जून 2022 के बाद LIC की हिस्सेदारी बढ़ी, कुल निवेश 1 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचा।

मुंबई, 21 सितंबर 2026। Alam Ki Khabar के मुताबिक टाटा ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों में भारतीय जीवन बीमा निगम यानी LIC का निवेश अब 1 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। जून 2022 के बाद टाटा ग्रुप की 14 लिस्टेड कंपनियों में से 10 में LIC की हिस्सेदारी बढ़ी है। यह बदलाव ऐसे समय सामने आया है जब टाटा सन्स के नेतृत्व, संभावित लिस्टिंग और ग्रुप की आगे की रणनीति को लेकर कॉरपोरेट स्तर पर महत्वपूर्ण घटनाक्रम चल रहे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, LIC के टाटा पोर्टफोलियो में TCS और Tata Steel का मूल्य के लिहाज से सबसे बड़ा योगदान है। 

जून 2022 का समय इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी अवधि में एन. चंद्रशेखरन ने Tata Sons के चेयरमैन के रूप में दूसरा कार्यकाल शुरू किया था। इसके बाद के वर्षों में LIC ने टाटा समूह की कई कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई। प्रतिशत के लिहाज से Tata Elxsi में वृद्धि सबसे ज्यादा दर्ज की गई है।

Tata Elxsi में LIC की हिस्सेदारी 6.59% हुई

Tata Elxsi में जून 2022 में LIC की हिस्सेदारी 1.04% थी। अब यह बढ़कर 6.59% हो गई है। यानी करीब चार साल की अवधि में LIC की हिस्सेदारी में 5.55 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई है।

Tata Elxsi के शेयर में 2020 से 2022 के बीच जबरदस्त तेजी देखने को मिली थी। अप्रैल 2020 में शेयर करीब 713 रुपये के स्तर पर था और अगस्त 2022 में यह 10,238 रुपये के लाइफटाइम हाई तक पहुंच गया था। इसके बाद शेयर में बड़ी गिरावट आई और 18 सितंबर 2026 तक यह करीब 3,333 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

Trent में भी LIC की नई हिस्सेदारी

टाटा समूह की रिटेल कंपनी Trent में जून 2022 में LIC की हिस्सेदारी शून्य थी। अब यह 3% से कुछ अधिक हो गई है। Trent के शेयर ने भी अगस्त 2020 से अक्टूबर 2024 के बीच लंबी तेजी दर्ज की थी और करीब 5,200 रुपये के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा था। बाद में इसमें गिरावट आई और उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 18 सितंबर तक शेयर करीब 2,806 रुपये के आसपास था। 

Tata Consumer Products में हिस्सेदारी 8.23%

Tata Consumer Products में भी LIC ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। जून 2022 के मुकाबले LIC की हिस्सेदारी में करीब 3 प्रतिशत अंक की वृद्धि हुई और अब यह 8.23% बताई गई है। Tata Consumer Products टाटा समूह के खाद्य और पेय कारोबार से जुड़ी प्रमुख कंपनियों में शामिल है। 

Tata Chemicals में LIC 9.24% हिस्सेदार

Tata Chemicals में LIC की हिस्सेदारी जून 2022 में 6.79% थी, जो अब बढ़कर 9.24% हो गई है। इस तरह LIC की हिस्सेदारी 10% की सामान्य संस्थागत निवेश सीमा के काफी करीब पहुंच चुकी है। उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर इस सीमा तक पहुंचने से पहले लगभग 0.76 प्रतिशत अंक की गुंजाइश बचती है। 

TCS में LIC का सबसे बड़ा निवेश

रुपये की वैल्यू के लिहाज से टाटा समूह में LIC का सबसे बड़ा निवेश Tata Consultancy Services यानी TCS में है। TCS में LIC की हिस्सेदारी 5.52% है और इसकी वैल्यू करीब 41,960 करोड़ रुपये बताई गई है। यह टाटा समूह की कंपनियों में LIC के कुल निवेश का लगभग 40% है।

Tata Steel में LIC की 6.3% हिस्सेदारी है, जिसकी वैल्यू 14,000 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। इस लिहाज से TCS के बाद Tata Steel LIC के टाटा पोर्टफोलियो में सबसे बड़ी वैल्यू वाला निवेश है। 

इन कंपनियों में नहीं बढ़ी LIC की हिस्सेदारी

टाटा समूह की सभी कंपनियों में LIC की हिस्सेदारी बढ़ी नहीं है। Tata Communications, Tata Motors, Tata Motors Passenger Vehicles और Titan ऐसी कंपनियां हैं जहां जून 2022 के बाद हिस्सेदारी में बढ़ोतरी नहीं हुई।

Tata Communications में जून 2022 में LIC की हिस्सेदारी 3.37% थी, जो अब 1% से नीचे बताई गई है। Titan में भी LIC की हिस्सेदारी में करीब 1.09 प्रतिशत अंक की कमी हुई और मौजूदा हिस्सेदारी लगभग 2.17% बताई गई है। Tata Motors और Tata Motors Passenger Vehicles के मामले में जून 2022 के बाद समूह के कारोबारी पुनर्गठन के कारण मौजूदा तुलना को उसी संदर्भ में देखना जरूरी है। 

टाटा सन्स के नेतृत्व को लेकर भी घटनाक्रम

LIC के टाटा कंपनियों में बढ़ते निवेश का यह आंकड़ा ऐसे समय आया है जब Tata Sons के नेतृत्व को लेकर बोर्ड और Tata Trusts के बीच मतभेद सामने आए हैं। Tata Sons के बोर्ड ने एन. चंद्रशेखरन को एक और पांच साल का कार्यकाल देने का समर्थन किया है, जबकि Tata Trusts के चेयरमैन नोएल टाटा ने इस फैसले पर असहमति जताई है। Trusts की ओर से बोर्ड के फैसले की वैधता को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। 

चंद्रशेखरन के आगे चेयरमैन बने रहने के लिए Tata Sons के बोर्ड में निदेशक के रूप में उनकी पुनर्नियुक्ति जरूरी होगी और इसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी की आवश्यकता होगी। Tata Trusts के पास Tata Sons में करीब 66% हिस्सेदारी है, इसलिए शेयरधारकों से जुड़े किसी भी महत्वपूर्ण फैसले में Trusts की भूमिका अहम है। 

टाटा ग्रुप के सामने पूंजी निवेश से जुड़े सवाल

टाटा ग्रुप के कुछ बड़े कारोबारों में पूंजी के इस्तेमाल और भविष्य की रणनीति को लेकर भी चर्चा जारी है। इनमें Air India, Tata Digital और Tata Electronics जैसे कारोबार शामिल हैं। इसके अलावा भारतीय रिजर्व बैंक ने Tata Sons के Core Investment Company के रूप में पंजीकरण सरेंडर करने के आवेदन को खारिज किया है। इन घटनाक्रमों के बीच Tata Sons के नेतृत्व और रणनीतिक दिशा से जुड़े फैसले निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण बने हुए हैं। 

LIC का टाटा समूह की कंपनियों में निवेश बढ़ना अपने आप में एक महत्वपूर्ण पोर्टफोलियो बदलाव है। हालांकि, किसी संस्थागत निवेशक की हिस्सेदारी बढ़ने को किसी शेयर के भविष्य के प्रदर्शन की गारंटी नहीं माना जा सकता। अलग-अलग कंपनियों के कारोबार, वैल्यूएशन, बाजार परिस्थितियों और जोखिमों के आधार पर निवेश का परिणाम बदल सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण: बड़े निवेश से ज्यादा जरूरी है निवेश की तस्वीर को समझना

LIC के टाटा समूह में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का आंकड़ा बाजार में बड़े संस्थागत निवेश की भूमिका को सामने लाता है। लेकिन केवल किसी बड़े निवेशक की हिस्सेदारी देखकर किसी शेयर के बारे में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। Tata Elxsi, Trent, Tata Consumer Products, Tata Chemicals, TCS और Tata Steel सभी अलग-अलग कारोबार और बाजार परिस्थितियों से जुड़ी कंपनियां हैं। निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे हिस्सेदारी के आंकड़ों के साथ कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, कर्ज, मूल्यांकन और भविष्य की कारोबारी योजनाओं को भी देखें।

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निवेश संबंधी जरूरी सूचना

यह खबर केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसे किसी भी शेयर की खरीद या बिक्री की सलाह नहीं माना जाना चाहिए। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति और अपने जोखिम स्तर को समझें तथा आवश्यकता होने पर पंजीकृत वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।

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